
फ़्लाउंडर
फ्लॉन्डर (Flounder) एक हल्की और मुलायम सफेद मछली है जो 6 महीने की उम्र से बेबी-लेड वीनिंग के लिए एकदम सही है। अपनी नाजुक बनावट और कम मरकरी (mercury) के कारण यह मछली खिलाना शुरू करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
कैसे परोसें
भाप में पकाएं या बेक करें और बड़े, कांटों से मुक्त टुकड़े के रूप में दें।
छोटे, फ्लैकी टुकड़े के रूप में परोसें जिन्हें शिशु आसानी से उठा सके।
फिल्लेट के रूप में या फिंगर-फूड फिश केक में मिलाकर दें।
पोषण
फ्लॉन्डर आपके बढ़ते शिशु की मांसपेशियों और ऊतकों के निर्माण के लिए आवश्यक उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन प्रदान करती है। यह विटामिन B12 से भी भरपूर है, जो मस्तिष्क और तंत्रिका के स्वस्थ कार्य का समर्थन करता है। कम वसा वाली मछली होने के कारण, यह पाचन तंत्र के लिए बहुत हल्की होती है।
जानना ज़रूरी
यह आहार शिशुओं के गले में अटकने का कारण बन सकता है। इसे उम्र के अनुसार सही आकार और बनावट में तैयार करें, और खाते समय हमेशा अपने शिशु पर नज़र रखें।
मछली एक सामान्य एलर्जन है, इसलिए पहली बार खिलाने के दौरान रैश या पाचन संबंधी परेशानी के किसी भी लक्षण पर नजर रखें। सबसे महत्वपूर्ण बात, परोसने से पहले मछली को ध्यान से चेक करें ताकि कोई भी छोटा कांटा (pin bone) न रह जाए।
इसमें शामिल: मछली
टिप
फ्लॉन्डर मछली ताजे नींबू के रस और डिल के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है, जो शिशु को शुरुआत से ही ताजी जड़ी-बूटियों के स्वाद से परिचित कराने में मदद कर सकती है।





